BUSINESS LOAN
Instent Govt Loan Schemes: आधार कार्ड से सरकार की यह दो योजनाएं दे रही है लाखों का लोन
Instent Govt Loan Schemes: आज के समय में सरकार आम नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं चला रही है। खास बात यह है कि अब लोन लेने की प्रक्रिया पहले जैसी मुश्किल नहीं रही, क्योंकि सरकार की कुछ खास योजनाओं के तहत केवल आधार कार्ड की मदद से ही लाखों रुपये तक का लोन आसानी से लिया जा सकता है। यह सुविधा उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है जो बिना ज्यादा कागजी कार्रवाई और गारंटी के अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं या फिर किसी पुराने बिज़नेस को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में प्रोत्साहित करना है। सरकार चाहती है कि हर व्यक्ति आर्थिक रूप से मजबूत बने और अपने परिवार के साथ-साथ समाज की प्रगति में योगदान दे सके। यही कारण है कि अब सिर्फ आधार कार्ड जैसी पहचान पत्र के आधार पर भी आप आसानी से आवेदन कर सकते हैं और लाखों रुपये तक का लाभ उठा सकते हैं।
सरकार की ये योजनाएं न केवल आसान और पारदर्शी हैं बल्कि इनमें ब्याज दर भी सामान्य बैंकों की तुलना में किफायती रखी गई है। इससे आम आदमी को राहत मिलती है और वह लोन चुकाने में सक्षम रहता है। यदि आप भी रोजगार शुरू करने का सपना देख रहे हैं या किसी जरूरी काम के लिए धन की आवश्यकता है तो आधार कार्ड से मिलने वाले इस लोन का फायदा जरूर उठाना चाहिए।
सरकारी योजनाओं से लोन लेने के फायदे
वैसे तो सरकार की योजनाओं से लोन लेने पर कई सारे फायदे होते हैं उनमें से कुछ फायदा के बारे में नीचे दिए गए बिंदुओं में बात की गई है जिससे आपको आसानी से समझ में आ जाए
- आसान प्रक्रिया – सरकारी योजनाओं से लोन लेने के लिए बहुत ज्यादा कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ती। केवल आधार कार्ड, पैन कार्ड और कुछ जरूरी दस्तावेज़ों से लोन आसानी से मिल जाता है।
- कम ब्याज दर – सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं में ब्याज दर सामान्य बैंकों की तुलना में काफी कम होती है, जिससे लोन चुकाना आसान हो जाता है।
- सब्सिडी का लाभ – कई योजनाओं में सरकार ब्याज पर सब्सिडी देती है या फिर लोन राशि का कुछ प्रतिशत माफ कर देती है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलती है।
- गारंटी की जरूरत नहीं – छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए सरकार ऐसे लोन उपलब्ध कराती है जिनमें किसी तरह की गारंटी या सिक्योरिटी की आवश्यकता नहीं होती।
- हर वर्ग को लाभ – महिलाएं, किसान, छात्र, बेरोजगार युवक और छोटे व्यापारी—हर वर्ग के लिए अलग-अलग लोन योजनाएं हैं, जिससे सभी को बराबर लाभ मिल सके।
- रोजगार और व्यवसाय को बढ़ावा – सरकारी लोन योजनाओं का उद्देश्य लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। इससे व्यक्ति न केवल खुद का रोजगार शुरू कर सकता है बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकता है।
- पारदर्शी प्रक्रिया – सरकारी योजनाओं के तहत लोन वितरण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी होती है, जिससे धोखाधड़ी या अतिरिक्त शुल्क जैसी परेशानियाँ नहीं आतीं।
लोन देने वाली दो सरकारी योजनाएं
वैसे तो आजकल सरकार ने एक के बाद एक कई सारी योजनाएं लोन देने के लिए शुरू की है लेकिन उनमें से आज हम आपको केवल वही योजनाएं बताएंगे जिनसे आपको लोन लेने पर कई सारे फायदे हो और लोन भी आसानी से मिल जाए
1. प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME Scheme)
- इस योजना का उद्देश्य छोटे खाद्य प्रसंस्करण व्यवसायों (Food Processing Units) को आधुनिक बनाने और उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
- योजना के तहत खाद्य उत्पाद बनाने, पैकेजिंग, लेबलिंग और मार्केटिंग के लिए लोन मिलता है।
- इसमें व्यक्तिगत उद्यमी को प्रोजेक्ट लागत पर 35% तक की क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी दी जाती है (अधिकतम ₹10 लाख तक)।
- आवेदन के लिए आधार कार्ड, पहचान पत्र, बैंक खाता और बिजनेस से जुड़ी बुनियादी जानकारी की जरूरत होती है।
- यह योजना खासकर छोटे किसान, महिला उद्यमी और छोटे व्यापारी के लिए बेहद लाभकारी है।
2. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP Scheme)
- यह योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए शुरू की गई है।
- PMEGP के तहत व्यक्ति अपना नया उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक से ₹10 लाख तक का लोन (सेवा क्षेत्र में) और ₹25 लाख तक का लोन (मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए) ले सकता है।
- सरकार प्रोजेक्ट लागत पर 15% से 35% तक की सब्सिडी देती है।
- इस योजना का लाभ लेने के लिए न्यूनतम योग्यता कम से कम 8वीं कक्षा पास होना जरूरी है।
- आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और इसे KVIC (खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग) की आधिकारिक वेबसाइट से किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME Scheme)
1. योजना क्या है?
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे 2020-21 से 2024-25 तक चलाया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य देश में मौजूद छोटे और असंगठित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों (Food Processing Units) को आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और मार्केटिंग सपोर्ट देना है।
इस योजना का मुख्य फोकस –
- छोटे किसान,
- महिला उद्यमी,
- स्व-सहायता समूह (SHG),
- सहकारी समितियाँ (Cooperative Societies)
को मजबूत बनाना है।
2. कितना लोन मिलेगा?
- व्यक्तिगत उद्यमी (Individual Entrepreneur) को अधिकतम ₹10 लाख तक का लोन मिल सकता है।
- समूह (SHG, FPO, Cooperative) को इससे भी ज्यादा प्रोजेक्ट लागत पर सहायता दी जाती है।
3. ब्याज दर और सब्सिडी
- योजना के तहत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी (Credit Linked Subsidy) दी जाती है।
- 35% तक की सब्सिडी (अधिकतम ₹10 लाख तक) सरकार देती है।
- बाकी राशि उद्यमी को अपने या बैंक लोन से लगानी होती है।
- ब्याज दर बैंक के अनुसार सामान्य MSME लोन जैसी होती है।
4. पात्रता (Eligibility)
इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
- व्यक्तिगत उद्यमी (Individual Entrepreneur)
- आयु 18 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए।
- कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है।
- स्व-सहायता समूह (SHG), फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (FPO), सहकारी समितियाँ (Cooperatives) भी पात्र हैं।
- पहले से चल रहे छोटे खाद्य प्रसंस्करण कारोबारी भी इसमें आवेदन कर सकते हैं।
- केवल खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर से जुड़े उद्यमी ही आवेदन कर सकते हैं।
5. किन कामों के लिए लोन मिलेगा?
- खाद्य प्रसंस्करण इकाई (Food Processing Unit) लगाना
- मशीनरी खरीदना
- पैकेजिंग और लेबलिंग
- कोल्ड स्टोरेज/वेयरहाउस
- ब्रांडिंग और मार्केटिंग
- वर्किंग कैपिटल की जरूरत
6. आवेदन कैसे करें?
- आवेदन PMFME Scheme की आधिकारिक वेबसाइट या बैंक/वित्तीय संस्थानों के माध्यम से किया जा सकता है।
- उद्यमी को बिजनेस प्लान (DPR) तैयार करके जमा करना होगा।
- बैंक द्वारा लोन स्वीकृत होने के बाद सब्सिडी का लाभ सरकार की ओर से दिया जाएगा।
7. योजना का उद्देश्य
- छोटे और असंगठित खाद्य उद्योग को संगठित और आधुनिक बनाना।
- किसानों और छोटे उद्यमियों की आमदनी बढ़ाना।
- स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देना।
- “Vocal for Local” और “Atmanirbhar Bharat” को मजबूत करना।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP Scheme)
1. योजना क्या है?
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना है, जिसे खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा लागू किया जाता है।
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसके जरिए बेरोजगार युवक-युवतियों, महिला उद्यमियों और छोटे व्यापारियों को बिजनेस शुरू करने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है।
2. कितना लोन मिलेगा?
- मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए अधिकतम ₹25 लाख तक का लोन।
- सेवा क्षेत्र/बिजनेस यूनिट के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक का लोन।
3. सब्सिडी (Margin Money Subsidy)
सरकार प्रोजेक्ट लागत पर सब्सिडी देती है, जो इस प्रकार है:
- ग्रामीण क्षेत्र:
- सामान्य श्रेणी: 25%
- SC/ST/OBC/महिला/अल्पसंख्यक/दिव्यांग/भूतपूर्व सैनिक: 35%
- शहरी क्षेत्र:
- सामान्य श्रेणी: 15%
- SC/ST/OBC/महिला/अल्पसंख्यक/दिव्यांग/भूतपूर्व सैनिक: 25%
शेष राशि उद्यमी को खुद और बैंक लोन से लगानी होती है।
4. ब्याज दर
- ब्याज दर बैंक/वित्तीय संस्थान के अनुसार होती है (आमतौर पर 11% से 12% प्रति वर्ष तक)।
- यह सामान्य MSME लोन जैसी ही रहती है।
5. पात्रता (Eligibility)
- आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- आयु 18 वर्ष से ऊपर होनी चाहिए।
- न्यूनतम 8वीं कक्षा पास होना जरूरी है (यदि प्रोजेक्ट लागत ₹10 लाख से अधिक है तो)।
- इस योजना का लाभ केवल नए उद्योग/बिजनेस के लिए मिलेगा। पहले से चल रहे उद्योग को इसमें लाभ नहीं मिलेगा।
- व्यक्तिगत उद्यमी, स्व-सहायता समूह (SHG), सहकारी समितियाँ, ट्रस्ट, NGO आदि भी आवेदन कर सकते हैं।
6. किन कामों के लिए लोन मिलेगा?
- मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
- सर्विस यूनिट (दुकान, रिपेयर सेंटर, ब्यूटी पार्लर, साइबर कैफे आदि)
- कृषि आधारित उद्योग (फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, पोल्ट्री, फिशरीज आदि)
- कुटीर उद्योग और ग्रामोद्योग
7. आवेदन प्रक्रिया
- आवेदक को PMEGP की आधिकारिक वेबसाइट (https://www.kviconline.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करनी होगी।
- आवेदन बैंक को भेजा जाएगा।
- बैंक लोन स्वीकृत करेगा और सरकार की तरफ से सब्सिडी (Margin Money Subsidy) सीधे बैंक में जमा कर दी जाएगी।
8. योजना का उद्देश्य
- बेरोजगार युवाओं को रोजगार का अवसर देना।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित करना।
- स्वरोजगार को बढ़ावा देकर “आत्मनिर्भर भारत” को मजबूत करना।
- गरीब, कमजोर और पिछड़े वर्ग को आर्थिक सहायता देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना।
निष्कर्ष
सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) आज के समय में उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही हैं जो अपना रोजगार या बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं। इन योजनाओं के जरिए न केवल बैंक से आसानी से लोन मिलता है बल्कि सरकार की ओर से सब्सिडी और विशेष सुविधाएं भी दी जाती हैं। खास बात यह है कि आवेदन प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी है, जिससे हर पात्र व्यक्ति इन योजनाओं का लाभ उठा सकता है।
अगर आप भी नया उद्योग शुरू करना चाहते हैं, छोटे स्तर पर फूड प्रोसेसिंग बिज़नेस करना चाहते हैं या फिर किसी सर्विस/मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना करना चाहते हैं, तो ये दोनों योजनाएं आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प हो सकती हैं। सही जानकारी और उचित दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करके आप भी लाखों रुपये तक का लोन और सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं और आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा बन सकते हैं।
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